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Friday, 18 November 2016

Saturn Remedies

If you see a black bird in a cage, set it free. You may do this by going to a market where birds are sold, buy some birds, and set them free.

Apply mustard oil on your body once you wake up. Follow it by taking a bath with water mixed with black sesame seeds.

Fast on Saturdays and donate Urad dal, oil, sesame, black blanket, or iron to a needy person. Also, donate used footwear to a poor person. It removes bad luck in life.

Water the roots of Peepal tree, and circumambulate the tree seven times. This will also remove any malefic effects of Rahu or Ketu. Peepal tree is considered to be the abode of Lord Vishnu, who controls the world.

Offer mustard oil to Shani Dev’s idol and chant this mantra:

नमस्ते कोणसंस्थाय पिङ्गलायनमोस्तुते

नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तुते॥
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च।
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो॥
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते॥
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्य च॥

Tuesday, 15 November 2016

Vastu tips

A great deal of time and effort go into making your house into a home. Even one small oversight or incorrect decision can shake its foundations and create disharmony. For positive energies to always float in your house, there are specific principles of Vastu for home decoration purposes to help you in living a joyful life.
 
Bronze Lion Statue
 
Be it a miniature or a large-size bronze lion’s statue, placing it in the house not only beings positivity in your house, but also improves your self-confidence. However, one thing that needs to be remembered is to place the lion’s statue in the north-east direction. 

Hanging Lion’s Statues
 
For prosperity to be in abundance in your house, you can hang two really small-sized bronze bowls or lion statues in the southeast direction in your kitchen. 

The Need of a Compass
 
Always stand in the centre of your house with a compass in your hand to find out the directions of your house. The main entrance is the mouth of a house, which brings in the energy. Avoid a property, which has a door facing south-west, as it is the entry of the devil energy and brings in struggle and misfortunes. If your house already has one, fix two Hanumanji tiles outside the door and see the difference.

Sunday, 30 August 2015

घर में रखें ये 6 चीजें, माना जाता है इन्हें भाग्यशाली

घर में पैसा, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शांति बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत प्रयास करने के साथ ही फेंगशुई के उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। इन उपायों को अपनाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। स्वास्थ्य लाभ के साथ ही धन संबंधी समस्याएं भी दूर हो सकती हैं। यहां जानिए फेंगशुई (चीन का वास्तु) की 6 ऐसी चीजें जो घर में रखनी चाहिए। फेंगशुई में इन चीजों को भाग्यशाली माना जाता है।
1. आर्थिक समृद्धि के देवता हैं लाफिंग बुद्धा
आर्थिक सफलता के लिए लॉफिंग बुद्धा घर में रखना चाहिए। इसे अपने घर में मुख्य द्वार से तिरछी तरफ एक लाफिंग बुद्धा रखना चाहिए। बुद्धा समृद्धि के देवता हैं। इनकी मुस्कान से ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
ध्यान रखें- लाफिंग बुद्धा मुख्य द्वार के एकदम सामने न रखें। लॉफिंग बुद्धा अधिक ऊंचे स्थान पर भी नहीं रखना चाहिए।
2. भाग्यशाली होता है तीन टांगों वाला मेंढक
फेंगशुई में तीन टांगों वाले मेंढक को बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। मुंह में सिक्के लिए हुए तीन टांगों वाले मेंढक से घर का वातावरण सुखद बना रहता है। इसे अपने घर के भीतर मुख्य दरवाजे के आसपास रखना चाहिए।
ध्यान रखें- इस मेंढक को किचन या बाथरूम के अंदर या आसपास नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से दुर्भाग्य बढ़ता है।
3. समृद्धि बढ़ाते हैं तीन सिक्के
घर के मुख्य दरवाजे में लाल रिबन से बंधे हुए फेंगशुई के 3 सिक्के लटकाने चाहिए। इससे घर में धन और समृद्धि आती है।
ध्यान रखें- सिर्फ तीन सिक्के ही लटकाने चाहिए और वह भी दरवाजे के अंदर की ओर। बाहर की ओर सिक्के लगाने से लक्ष्मी द्वार पर ही ठहर जाती है। सिक्के हमेशा मुख्य दरवाजे पर ही लगाना चाहिए।
4. खुशहाली बढ़ाता है कछुआ
फेंगशुई में कछुए को भी बहुत शुभ माना जाता है। इसे घर में रखने से कामयाबी के साथ ही पैसा और खुशहाली भी मिलती है।
ध्यान रखें- कछुए को ऑफिस या घर की उत्तर दिशा में रखना चाहिए। कछुए को रखते समय उसका चेहरा अंदर की ओर होना चाहिए। कछुए को कभी भी जोड़े में नहीं रखना चाहिए।
5. गोल्डन फिश
फेंगशुई के अनुसार, घर में गोल्डन फिश रखने से सौभाग्य, धन, मान-सम्मान बढ़ता है। इन मछलियों को अपने ड्रॉइंगरूम में रखें।
ध्यान रखें- गोल्डन फिश को बेडरूम में, रसोईघर में या बाथरूम में नहीं रखना चाहिए।
6. विंड चाइम्स
फेंगशुई की विंड चाइम्स इन दिनों सर्वाधिक चलन में है। दरअसल, विंड चाइम या पवन घंटी से जो मधुर स्वर निकलते हैं, वह पूरे घर में फेंगशुई के अनुसार ची नामक सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। इस ऊर्जा से घर में सुख बढ़ता है।
ध्यान रखें- विंड चाइम्स को ऐसे स्थान पर लगाएं, जहां हवा के प्रवाह से ये बजती रहे।

Thursday, 20 August 2015

पीपल के ये उपाय करते रहने से दूर हो सकती है गरीबी

गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि पीपल उनका ही एक रूप है। यही कारण है कि पीपल की पूजा करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और हमारे दुखों को दूर करते हैं। पीपल की पूजा करने से गरीबी से छुटकारा मिलता है। इस वृक्ष की पूजा नियमित करने से सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। यहां जानिए पीपल की पूजा की सामान्य विधि और कुछ उपाय...
ऐसे कर सकते हैं पीपल की पूजा
जिस दिन पीपल की पूजा करनी है, सूर्योदय के पहले उठें और दैनिक कार्यों के बाद सफेद वस्त्र पहनें। पूजा के प्रारंभ में पीपल की जड़ में गाय का दूध, तिल और चंदन मिला हुआ पवित्र जल अर्पित करें। जल अर्पित करने के बाद जनेऊ, फूल, प्रसाद और अन्य सामग्री चढ़ाएं। धूप-बत्ती और दीप जलाएं। आसन पर बैठकर या खड़े होकर मंत्र जप करें। अपने इष्ट देवी-देवताओं का स्मरण भी करें।
मंत्र-
मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे। अग्रत: शिवरूपाय वृक्षराजाय ते नम:।।
आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्। देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।
इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। मंत्र जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग किया जा सकता है। जप के बाद आरती करें। फिर प्रसाद बांटें और खुद भी ग्रहण करें। पीपल को चढ़ाए हुए जल में से थोड़ा जल घर में छिड़कें। इस प्रकार पीपल की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
पीपल के कुछ और उपाय
1. ज्योतिष में बताया गया है कि पीपल का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति की कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। जैसे-जैसे पीपल बड़ा होगा, घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती जाएगी।
2. यदि कोई व्यक्ति पीपल के पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित करता है और नियमित रूप से उसकी पूजा करता है, तो सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं। इस उपाय से बुरा समय धीरे-धीरे दूर हो जाता है।
3. शनि दोष, शनि की साढ़ेसाती और ढय्या के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए हर शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाकर सात बार परिक्रमा करनी चाहिए।
4. शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना चाहिए।
5. पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

वास्तु टिप्स : घर-परिवार के झगड़े खत्म करने के 8 आसान उपाय

घर में कई अलग-अलग स्वभाव वाले लोग रहते हैं। ऐसे में कई बार एक-दूसरे से आदतें और विचार मेल नहीं खाते हैं। जिससे अक्सर घर के लोगों में मन-मुटाव और झगड़े होने लगते हैं। इन झगड़ों की वजह से घर में हमेशा ही अशांति और क्लेश का माहौल बना रहता है। वास्तु के कुछ छोटे-छोटे उपायों को अपना कर इन झगड़ों से छुटकारा पाया जा सकता है-
1. यदि घर में अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है तो सफेद चंदन की बनी कोई भी मूर्ति ऐसे स्थान पर रखें, जहां से सभी सदस्यों की नजर उस पर पड़े। इससे पारिवारिक तनाव खत्म होगा और सदस्यों में आपसी विश्वास बढ़ेगा।
2. यदि घर के पुरुष सदस्यों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति रहती हो तो ऐसे घर में कदम्ब के पेड़ की डाली रखनी चाहिए। इससे शांति का वातावरण बनता है
3. घर के अन्य स्थानों की बजाए रसोई घर में बैठकर खाना खाने से घर में राहु का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति बनी रहती है।
4. यदि परिवार की महिलाओं में अक्सर अशांति, तनाव और मनमुटाव रहता है तो ऐसे परिवार में सभी महिलाओं को एक साथ लाल रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
5. यदि किसी महिला की वजह से घर में अशांति रहती हो तो शुक्ल पक्ष के सोमवार को चन्द्रमणि की चांदी की अंगूठी बनवाकर उस महिला को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (छोटी उंगली के पास वाली उंगली) में पहनानी चाहिए।

6. जिस घर में बिना कारण के तनाव और अशांति का वातावरण बनता हो, उस घर के लोगों को गुरुवार को बाल और दाढ़ी-मूंछ नहीं कटवाना चाहिए।
7. हर महीने में घर के सदस्यों की संख्या और घर में आए सभी अतिथियों की संख्या के बराबर मीठी रोटियां बनाकर जानवरों को खिलाना चाहिए। इससे घर में बीमारी, झगड़े और फिजूल खर्च से छुटकारा मिलेगा।
8. पूर्णिमा को पूरे घर में गंगाजल छिड़कने से शांति और प्रेम बना रहता है।

बुधवार: दूर्वा की 11 गांठें चढ़ाएं गणेशजी को

पुरानी मान्यता है कि श्री गणेश की पूजा का विशेष दिन है बुधवार। साथ ही, इस दिन बुध ग्रह के लिए भी पूजा की जाती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो बुधवार को यहां बताए जा रहे उपाय किए जा सकते हैं...
1. बुधवार को सुबह जल्दी स्नान आदि कामों से निवृत्त होकर गणेशजी के मंदिर जाएं और श्री गणेश को दूर्वा अर्पित करें। दूर्वा की 11 या 21 गांठ अर्पित करना चाहिए।
2. गाय को हरी घास खिलाएं। गाय को पूजनीय और पवित्र माना गया है। गौमाता की सेवा से सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।
3. किसी ज़रुरतमंद व्यक्ति को या किसी मंदिर में हरे मूंग का दान करें। मूंग बुध ग्रह से संबंधित अनाज है। इसका दान करने से बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं।
4. सबसे छोटी उंगली में पन्ना रत्न धारण करें। पन्ना धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से अपनी कुंडली का अध्ययन करवा लेना चाहिए।
5. श्री गणेश को मोदक का भोग लगाएं।

ये हैं शिवपुराण के छोटे-छोटे उपाय, हर इच्छा कर सकते हैं पूरी

शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय इस प्रकार हैं-


1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।

यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।


भगवान शिव को प्रसन्न करने के अन्य उपाय जानने के लिए अगली स्लाइड्स पर क्लिक करें-

तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. बुखार होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
2. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। 
3. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है। 
4. शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
5. शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से टीबी रोग में आराम मिलता है।
6. यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे तो उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा फूल चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
2. चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है। 
3. अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने पर मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है। 
4. शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है। 
5. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है। 
6. जूही के फूल से भगवान शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।

7. कनेर के फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं। 
8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।
9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।
10. लाल डंठलवाला धतूरा शिव पूजन में शुभ माना गया है। 
11. दूर्वा से भगवान शिव का पूजन करने

इन उपायों से प्रसन्न होते हैं भगवान शिव

1. सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
2. अगर आपके घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करें तथा गुग्गुल का धूप दें।
3. यदि आपके विवाह में अड़चन आ रही है तो सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। इससे जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।
4. सावन में रोज नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और मन प्रसन्न रहेगा।
5. सावन में गरीबों को भोजन कराएं, इससे आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी तथा पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।
6. सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलेगी।
7. सावन में किसी नदी या तालाब जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं। जब तक यह काम करें मन ही मन में भगवान शिव का ध्यान करते रहें। यह धन प्राप्ति का बहुत ही सरल उपाय है।

आमदनी बढ़ाने के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।

कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ हो तो शुक्रवार को करें ये उपाय

कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाती हैं। साथ ही, वैवाहिक जीवन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र के दोषों के दूर करने के लिए शुक्रवार को विशेष उपाय किए जा सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार शुक्रवार को देवी लक्ष्मी के लिए भी खास उपाय किए जा सकते हैं। यहां जानिए ​छोटे-छोटे 5 उपाय...
1. हर शुक्रवार शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। साथ ही, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।
2. किसी गरीब व्यक्ति को या किसी मंदिर में दूध का दान करें।
3. शुक्रवार को किसी विवाहित स्त्री को सुहाग का सामान दान करें। सुहाग का सामान जैसे चूड़ियां, कुमकुम, लाल साड़ी। इस उपाय से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. शुक्र से शुभ फल पाने के लिए शुक्रवार को शुक्र मंत्र का जप करें। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। शुक्र मंत्र: द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
5. शुक्र ग्रह के लिए इन चीजों का दान भी किया जा सकता है... हीरा, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद वस्त्र, दही, सफेद चंदन आदि। इन चीजों के दान से शुक्र के दोष कम हो सकते हैं।

सूर्य की पूजा ऐसे करेंगे तो तेज होगी बुद्धि और मिलेगा मान-सम्मान

रविवार सूर्य की पूजा का विशेष दिन है। कुण्डली में सूर्य की स्थिति का असर बुद्धि हमारी बुद्धि पर भी होता है। साथ ही, सूर्य की शुभ स्थिति समाज में मान-सम्मान भी दिलवाती है। यदि आप भी सूर्य से शुभ फल पाना चाहते हैं तो यहां बताए जा रहे उपाय रविवार को कर सकते हैं...
- रविवार को स्नान आदि कार्यों के बाद तांबे के लोटे में चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य को चढ़ाएं। 'ॐ खखोल्काय नम:' इस मंत्र का जप करें।
- सूर्य को जल चढ़ाने के बाद घर में सूर्य की मूर्ति को गंगाजल या साफ जल से स्नान कराएं। इसके बाद लाल चंदन, चावल, कमल आदि चढ़ाएं। लड्डू का भोग लगाएं।
- पूजा में बैठने के लिए कुश के आसन का उपयोग करें। पूर्व दिशा की ओर मुख कर सूर्य मंत्र का जप करें। जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।
मंत्र- हंस हंस कृपालुस्त्वमगतीनां गतिर्भव।
संसारार्णवमग्रानां त्राता भव दिवाकर।।
- अंत में सूर्य देव की आरती करें। पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा याचना करें और मंगल कामना करें।

इस विधि से कर सकते हैं लक्ष्मी-गणेश की पूजा

भगवान गणेश और महालक्ष्मी की पूजा से सभी दुख दूर हो सकते हैं। श्री गणेश की कृपा से रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है और महालक्ष्मी की कृपा से गरीबी दूर होती है। यहां जानिए इन दोनों की कृपा एक साथ पाने का उपाय...

किसी शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं ये उपाय
जिस मुहूर्त में उपाय करना हो, उस दिन सुबह जल्दी उ‌‌ठें। स्नान आदि कर्मों के बाद पीले कपड़े पहनें। किसी मंदिर में जाएं या घर के मंदिर में ही श्री गणेश और लक्ष्मीजी की पूजा का प्रबंध करें। पूजा की तैयारी के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके कुश के आसन पर बैठ जाएं।
श्रीगणेश की मूर्ति को हल्दी से पीले किए हुए चावल पर विराजित करें।
देवी लक्ष्मी को कुमकुम से लाल किए हुए चावल पर विराजित करें।
दोनों देवी-देवता को पवित्र जल से स्नान कराएं।
स्नान के बाद गणेशजी को चंदन, लाल फूल चढ़ाएं। देवी लक्ष्मी को भी कुमकुम और लाल फूल चढ़ाएं।
प्रसाद के लिए गुड़ के लड्डू और दूध से बनी खीर का भोग लगाएं।
इस प्रकार पूजा करने के बाद धूप व दीप जलाएं। लक्ष्मी-गणेशजी की आरती करें।
पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें।
इसके बाद चरणामृत और प्रसाद वितरित करें और खुद भी लें।
इस पूजन के साथ ही गणेशजी और महालक्ष्मी के मंत्रों का जप भी किया जाना चाहिए।
लक्ष्मी-विनायक मंत्र
दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।
श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरदे सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।।
पूजन के समय इस लक्ष्मी-विनायक के मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। मंत्र जप के लिए कमल के गट्टे की माला काउपयोग करना चाहिए।
ध्यान रखें मंत्र का जप सही उच्चारण के साथ करना चाहिए।

Saturday, 15 August 2015

घर में ध्यान रखनी चाहिए पलंग से जुड़ी ये बातें

फेंगशुई के अनुसार घर के दक्षिण-पश्चिम भाग को वैवाहिक जीवन के लिए एक्टिव माना जाता है। इसलिए इस भाग में सकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय और नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करने के लिए आप जो भी प्रयास करेंगे, वे बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।
1. ऐसी चीजों का प्रयोग करने से बचें, जो लड़ाई या नकारात्मकता दिखाती हैं।
2. पति-पत्नी को छत के बीम के नीचे सोना नहीं चाहिए। उस स्थान से थोड़ा दूर सोना चाहिए।
3. बिस्तर (गद्दा, चादर आदि) एकदम साफ रहना चाहिए। यदि यह संभव न हो तो कोशिश करें कि ऐसी चादर या बिस्तर बिलकुल ही प्रयोग में न लाएं, जिसमें छेद हो या कहीं से कटे-फटे हो।
4. पति-पत्नी को पलंग के नीचे कुछ भी सामान नहीं रखना चाहिए। पलंग के नीचे की जगह को खाली रहने देंगे तो सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। बेड के चारों ओर ऊर्जा बिना किसी बाधा के प्रवाहित हो सकेगी।
5. जिस पलंग पर पति-पत्नी सोते हों उस पर किसी और को न सोने नहीं देना चाहिए।
6. बेडरूम में दरवाजे वाली दीवार के साथ अगर आपने अपना पलंग लगा रखा है तो इससे बचें। इससे रिश्तों में तनाव बढ़ता है।
7. पलंग हमेशा साफ-स्वच्छ रहना चाहिए। इससे रिश्ते में ताजगी बनी रहती है।
8. बेडरूम में कोई यंत्र टीवी, रेफ्रिजरेटर या कंप्यूटर आदि नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इनसे निकलने वाली हानिकारक तरंगे हमारे स्वास्थ्य के हानिकारक होती हैं। यदि टीवी और ये चीजें बेडरूम में रखना ही पड़े तो इन्हें किसी केबिनेट के अंदर या ढंककर रखना चाहिए। जब टीवी न चल रहा हो तो केबिनेट का शटर बंद कर देना चाहिए।
9. रंगों का भी रिश्तों पर खासा असर होता है। बेडरूम की दीवारों के लिए हल्का गुलाबी, हल्का नीला, ब्राउनिश ग्रे रंग का प्रयोग करेंगे तो बेहतर रहेगा। ये रंग शांति और प्यार बढ़ाने वाले हैं।

सुख-शांति चाहते हैं तो अपनाएं गोमती चक्र के ये आसान उपाय

मनुष्य के जीवन में कई समस्याएं ऐसी भी रहती हैं, जिनका हल समझ पाना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में सुख-शांति और उन्नति के लिए गोमती चक्र के इन छोटे-छोटे उपायों को अपना सकते हैं। गोमती, नदी में पाया जाने वाला अल्पमोली कैल्शियम व पत्थर मिश्रित होते है। इनके एक तरफ उठी हुई सतह होती है और दूसरी तरफ कुछ चक्र होते हैं। इन चक्रों को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। गोमती चक्रों का निम्न प्रकार से प्रयोग करने से आपकी समस्याओं का हल पाया जा सकता है-
1. यदि गोमती चक्र को लाल सिन्दूर की डिब्बी में रखा जाए तो घर में सुख-शांति बनी रहती है।
2. यदि घर में कोई बार-बार बीमार होता हो या किसी की बीमारी ठीक ही नहीं हो रही हो तो गोमती चक्र को चांदी में पिरोकर रोगी के पलंग पर बाध दे, इससे रोगों का नाश होने लगेगा।
3. व्यापार वृद्धि के लिए दो गोमती चक्र लाल कपड़े में बांधकर उसे दुकान के मुख्य दरवाजे की चौखट पर बांध दे, ऐसा करने से व्यपार में वृद्धि होगी।
4. दीपावली के दिन पांच गोमती चक्र को पूजा में स्थापित करके उनकी पूजा करने से साल भर घर में उन्नति होती रहेगी।
5. तीन गोमती चक्रों का चूरा करके उन्हें घर के बाहर फैला देने से भाग्य सकारात्मक होता है।
6. ग्यारह गोमती चक्रों को लाल पोटली में बांधकर दुकान में रखने से व्यापार में लाभ होता है।

BaGua Mirror for Eliminating Bad sight


BaGua mirror is used to diffuse strong energy directed towards a specific point. A general guideline is that they should never be hung inside a home or business and only be used on the outside. There are special circumstances when you would hang one indoors but 98% of the time, always on the outside of a residence or business.
The frame of a bagua mirror should be made of wood and measure about four to six inches across. They are commonly red and green or black and mustard yellow.

  • Red represents summer, illumination and growth.
  • Green represents spring, creativity and vigour.
  • Gold represents late summer, productivity and success.
  • Black represents winter, power and authority.

Examples of when to use a BaGua Mirror: 
1) If your home or business is at the end of a T-Intersection, 
2) if you have a corner or sharp object pointing at the front door, 
3) if you are experiencing unpleasant energy from a particular area around your home or business. 

It is then appropriate to hang a BaGua Mirror pointing towards that direction. Many times, if a person is having difficulty with a neighbor or receiving tension from a particular location, a bagua mirror can be hung pointing towards that direction. Individuals typically notice a shift of energy right away.

The most common position is to place it over the front door for a business or home. Keep in mind that this should be diffusing energy that you find difficult and not necessarily because you just thought it should be there because it was for sale in a store.

Monday, 10 August 2015

रोटी के ये उपाय करते रहने से मिलते हैं शुभ फल

मान्यता है कि दूसरों को खाना खिलाने पर पुण्य बढ़ता है और पुराने समय में किए गए पाप खत्म होते हैं। इसी वजह से कई लोग समय-समय पर खाना और अनाज दान करते रहते हैं। यहां जानिए रोटी के कुछ उपाय, जिनसे कुंडली के दोष दूर हो सकते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है...
रोटी के चार बराबर टुकड़े करें और करें ये उपाय
हर रोज सुबह-सुबह जब रोटियां बनाई जाती हैं, उस समय पहली रोटी अलग निकाल लें। उस रोटी के चार बराबर टुकड़े कर लें। इनमें से एक टुकड़ा गाय को और दूसरा टुकड़ा काले कुत्ते को देना है। तीसरा कौओं के लिए घर की छत पर डालना है। अंतिम टुकड़ा घर के पास किसी चौराहे पर रखकर आना है। ऐसा हर रोज करना चाहिए। इस उपाय से घर की गरीबी दूर हो सकती है।
ध्यान रखें यहां बताए जा रहे सभी उपाय ज्योतिष से संबंधित हैं। इस कारण इन्हें आस्था और विश्वास के साथ करना चाहिए। उपाय करते समय मन में किसी प्रकार की शंका होगी तो उपाय निष्फल हो सकता है।
शनि, राहु और केतु के लिए करें ये उपाय
यदि कुंडली में शनि या राहु-केतु का कोई दोष हो तो रोज रात को जो रोटी सबसे अंत में बनती है, उस पर तेल लगाएं और ये रोटी काले कुत्ते को खाने के लिए दें। यदि काला कुत्ता नहीं हो तो किसी अन्य कुत्ते को भी ये रोटी दी जा सकती है।
छोटा बच्चा खाना न खाए तो कर सकते हैं ये उपाय
घर में कोई छोटा बच्चा है और वह ठीक से खाना नहीं खा रहा तो एक रोटी पर थोड़ा सा गुड़ रखें और इस रोटी को बच्चे के ऊपर से 11 या 21 बार वार लें। इसके बाद ये रोटी किसी कुत्ते को खाने के लिए दे दें। इस उपाय से बच्चे के ऊपर से बुरी नजर का असर खत्म हो जाएगा और वह फिर से ठीक से खाना खाने लगेगा।
किसी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को खाना खिलाएं
हर रोज कम से कम किसी एक गरीब व्यक्ति को खाना अवश्य खिलाना चाहिए। ऐसा करने पर घर में अनाज की कमी नहीं होती है। सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अमावस्या पर करें ये उपाय
हर अमावस्या पर चावल की खीर बनाएं और रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े उस खीर में डाल दें। इसके बाद रोटी और खीर को कौओं के लिए घर की छत पर रख दें। इस उपाय से घर पर पितर देवताओं की विशेष कृपा बनी रहती है। पितर देवता की कृपा से ही सुख-समृद्धि मिलती है।

ऐसे शंख का पानी पीने से दूर होते हैं रोग, चमकने लगता है चेहरा

जा में शंख बजाने का चलन पुराने समय से हैं, देश के कई भागों में लोग शंख को पूजा घर में रखते हैं। साथ ही, इसे नियमित रूप से पूजा के समय बजाते हैं। ऐसे में यह उत्सुकता एकदम स्वाभाविक है कि शंख केवल पूजा में ही उपयोगी है या इसका कुछ और लाभ भी है। दरअसल, सनातन धर्म की कई ऐसी बातें हैं, जो न केवल आध्यात्मिक रूप से, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से भी फायदेमंद हैं। शंख रखने, बजाने व इसके पानी का सही इस्तेमाल करने से कई तरह के लाभ होते हैं। कई फायदे तो सीधे तौर पर सेहत से जुड़े हैं। आइए जानते हैं शंख से होने वाले कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में...
उपयोग
शंख में पानी भर कर 3-4 घंटे तक रखें। यह पानी कुछ विशेष रोगों के लिए लाभकारी होता है, इस काम में उतने उपयोगी साबित नहीं होते हैं। इसलिए अच्छी क्वालिटी के शंख का उपयोग लेकिन शंख जितना अच्छा होगा, उतना ही यह लाभकारी साबित होगा। सामान्य प्रकार के शंखकरें।
1. त्‍वचा रोग से छुटकारा दिलाए
रात में शंख में पानी भरकर रख दें और सुबह उठकर इस पानी से अपनी त्‍वचा की मसाज करें। इस पानी से मसाज करने से कई बीमारियां जैसे, एलर्जी, रैश के साथ चेहरे पर पड़े सफेद दाग भी ठीक हो जाते हैं।
2. बालों को सिल्की बनाता है
शंख में रात को भरकर रखे जाने वाले पानी में गुलाब जल मिला लें। इससे अपने बालों को धो लें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में बालों का रंग सुंदर हो जाएगा और बाल सिल्की होने लगेंगे। इसी पानी से आईब्रो, मूंछें और दाड़ी को भी धोया जा सकता है।
3. पेट दर्द व अपच दूर करे
यदि आपको अक्‍सर पेट से जुड़ी समस्‍या रहती है तो भी शंख में रखे। 2 चम्‍मच पानी का सेवन करें। पेट दर्द, अपच, आंतों में कोई समस्‍या आदि होने पर आराम मिलेगा।
4. आंखों की रौशनी बढ़ाए
रात भर शंख में रखा हुआ पानी और साधारण पानी, बराबर मात्रा में मिला लें। इस पानी से अपनी आंखों को धो लें। चश्मे के नंबर कम होने लगेंगे।
5. चेहरे की झुर्रियां मिटाए
नहाने के बाद शंख को अपने चेहरे और गले पर रगड़ें। इससे चेहरे पर प्राकृतिक ग्लौ आएगा।
6. डार्क सर्कल्स कम करने के लिए
आंखों के नीचे काले घेरे हो गए हों, तो शंख को रात को सोने से पहले अपनी आंखों के आस पास 5 मिनट रगडे़ं।
7. आंखों की परेशानी दूर करे
शंख में रखे हुए पानी को अपनी हथेलियों पर लें, उसमें अपनी आंखों को डुबाएं और पुतलियों को दांए-बाएं घुमाएं। कुछ सेकंड ऐसा करने से ड्राई आई, आंखों में पस और कई अन्‍य समस्‍याएं ठीक हो जाएंगी।

ये हैं शिवपुराण के छोटे-छोटे उपाय, हर इच्छा कर सकते हैं पूरी

भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। सावन में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय करते हैं।
कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है। ये उपाय इतने सरल हैं कि इन्हें बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है। हर समस्या के समाधान के लिए शिवपुराण में एक अलग उपाय बताया गया है। सावन में ये उपाय विधि-विधान पूर्वक करने से भक्तों की हर इच्छा पूरी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-


शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय इस प्रकार हैं-


1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।

यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. बुखार होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
2. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। 
3. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है। 
4. शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
5. शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से टीबी रोग में आराम मिलता है।
6. यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे तो उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा फूल चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
2. चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है। 
3. अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने पर मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है। 
4. शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है। 
5. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है। 
6. जूही के फूल से भगवान शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
7. कनेर के फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं। 
8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।
9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।
10. लाल डंठलवाला धतूरा शिव पूजन में शुभ माना गया है। 
11. दूर्वा से भगवान शिव का पूजन करने पर आयु बढ़ती है।

इन उपायों से प्रसन्न होते हैं भगवान शिव

1. सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
2. अगर आपके घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करें तथा गुग्गुल का धूप दें।
3. यदि आपके विवाह में अड़चन आ रही है तो सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। इससे जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।
4. सावन में रोज नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और मन प्रसन्न रहेगा।
5. सावन में गरीबों को भोजन कराएं, इससे आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी तथा पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।
6. सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलेगी।
7. सावन में किसी नदी या तालाब जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं। जब तक यह काम करें मन ही मन में भगवान शिव का ध्यान करते रहें। यह धन प्राप्ति का बहुत ही सरल उपाय है।

आमदनी बढ़ाने के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।

आमदनी बढ़ाने के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।

बीमारी ठीक करने के लिए उपाय

सावन में किसी सोमवार को पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी अन्य धातु के बर्तन का उपयोग करें। अभिषेक करते समय ऊं जूं स: मंत्र का जाप करते रहें।
इसके बाद भगवान शिव से रोग निवारण के लिए प्रार्थना करें और प्रत्येक सोमवार को रात में सवा नौ बजे के बाद गाय के सवा पाव कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने का संकल्प लें। इस उपाय से बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है।


शनिवार को किए जा सकते हैं छोटे-छोटे ये 6 उपाय

शनिवार को शनि और हनुमानजी का पूजन विशेष रूप से किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार श्रेष्ठ दिन है। इस दिन किए गए उपायों से शनि के दोष शांत हो सकते हैं। मान्यता है कि हनुमानजी के भक्तों को शनि के अशुभ फलों से मुक्ति मिलती है। इसी वजह से कई लोग शनिवार को हनुमानजी की पूजा करते है। यहां जानिए शनिवार को किए जाने वाले छोटे-छोटे 6 उपाय...
1. दीपक जलाएं
सूर्यास्त के समय किसी ऐसे पीपल के पास दीपक जलाएं जो सुनसान स्थान पर हो या किसी मंदिर में स्थित पीपल के पास भी दीपक जला सकते हैं।
2. शनि को नीले पुष्प चढ़ाएं
शनिदेव को तेल चढ़ाएं और पूजा करें। शनिदेव को नीले पुष्प चढ़ाएं और शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नम: का जप करें।
3. पीपल पर जल चढ़ाएं
हर शनिवार पीपल को जल चढ़ाएं, पूजा करें और सात परिक्रमा करें। जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग करें।
4. तेल का दान करें
हर शनिवार सुबह-सुबह स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर तेल का दान करें। इसके लिए एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें, फिर तेल का दान किसी जरुरतमंद व्यक्ति करें।
5. सिंदूर चढ़ाएं
हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
6. बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं
हनुमानजी की पूजा वानर रूप में ही की जाती है। इसकारण बजरंग बली को प्रसन्न करने के लिए बंदरों को गुड़ और चने खिलाना चाहिए। इस उपाय से हनुमानजी के साथ ही शनि भी प्रसन्न होते हैं।

वास्तु- ध्यान रखें ये 4 तरह की फोटो घर में न लगाएं


1. डगमगाती हुई या डूबती हुई नाव
काफी लोग घर में डूबती या लहरों में डगमगाती हुई नाव का फोटो लगाते हैं जो कि वास्तु के अनुसार अशुभ होती है। घर में हर रोज इस फोटो को देखने पर हमारी सोच पर भी गहरा असर होता है। मान्यता है कि ये फोटो भाग्य संबंधी बाधाएं बढ़ाती है। घर परिवार में तनाव बढ़ता है और वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
2. महाभारत युद्ध
महाभारत युद्ध की फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए। किसी भी प्रकार के युद्ध का फोटो हमारी सोच को भी आक्रामक बना सकता है। युद्ध का फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव भी गुस्से वाला हो सकता है। घर-परिवार में विवाद होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। महाभारत युद्ध पारिवारिक तनाव के कारण ही हुआ था। इस वजह महाभारत युद्ध से जुड़े हुए फोटो लगाने से बचना चाहिए।
3. फव्वारा या पानी
आमतौर पर फव्वारे और पानी के फोटो बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं। इसी कारण कई लोग इनकी फोटो घर में भी लगाते हैं, लेकिन फव्वारे की फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए। वास्तु में माना जाता है कि जिस प्रकार पानी बह जाता है, ठीक उसी प्रकार इस फोटो के प्रभाव से हमारा पैसा भी व्यर्थ के कार्यों में खर्च हो सकता है। इसी कारण घर में ये फोटो लगाने से बचना चाहिए।
4. हिंसक जानवर
घर में किसी भी हिंसक जानवर का फोटो नहीं लगाना नहीं चाहिए। हिंसक जानवरों के फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव भी उग्र हो सकता है। घर में क्लेश और अशांति बढ़ सकती है।
कैसी फोटो घर में लगाएं
घर में ऐसी फोटो लगाना चाहिए जो सकारात्मक हो, जिसे देखकर मन प्रसन्न हो और सभी नकारात्मक विचार दूर हो जाए।