Monday, 10 August 2015

ये हैं शिवपुराण के छोटे-छोटे उपाय, हर इच्छा कर सकते हैं पूरी

भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। सावन में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय करते हैं।
कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है। ये उपाय इतने सरल हैं कि इन्हें बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है। हर समस्या के समाधान के लिए शिवपुराण में एक अलग उपाय बताया गया है। सावन में ये उपाय विधि-विधान पूर्वक करने से भक्तों की हर इच्छा पूरी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-


शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय इस प्रकार हैं-


1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।

यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. बुखार होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
2. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। 
3. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है। 
4. शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
5. शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से टीबी रोग में आराम मिलता है।
6. यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे तो उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।

शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा फूल चढ़ाने से क्या फल मिलता है-

1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
2. चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है। 
3. अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने पर मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है। 
4. शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है। 
5. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है। 
6. जूही के फूल से भगवान शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
7. कनेर के फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं। 
8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।
9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।
10. लाल डंठलवाला धतूरा शिव पूजन में शुभ माना गया है। 
11. दूर्वा से भगवान शिव का पूजन करने पर आयु बढ़ती है।

इन उपायों से प्रसन्न होते हैं भगवान शिव

1. सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
2. अगर आपके घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करें तथा गुग्गुल का धूप दें।
3. यदि आपके विवाह में अड़चन आ रही है तो सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। इससे जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।
4. सावन में रोज नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और मन प्रसन्न रहेगा।
5. सावन में गरीबों को भोजन कराएं, इससे आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी तथा पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।
6. सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलेगी।
7. सावन में किसी नदी या तालाब जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं। जब तक यह काम करें मन ही मन में भगवान शिव का ध्यान करते रहें। यह धन प्राप्ति का बहुत ही सरल उपाय है।

आमदनी बढ़ाने के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।

आमदनी बढ़ाने के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।

बीमारी ठीक करने के लिए उपाय

सावन में किसी सोमवार को पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी अन्य धातु के बर्तन का उपयोग करें। अभिषेक करते समय ऊं जूं स: मंत्र का जाप करते रहें।
इसके बाद भगवान शिव से रोग निवारण के लिए प्रार्थना करें और प्रत्येक सोमवार को रात में सवा नौ बजे के बाद गाय के सवा पाव कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने का संकल्प लें। इस उपाय से बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है।


शनिवार को किए जा सकते हैं छोटे-छोटे ये 6 उपाय

शनिवार को शनि और हनुमानजी का पूजन विशेष रूप से किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार श्रेष्ठ दिन है। इस दिन किए गए उपायों से शनि के दोष शांत हो सकते हैं। मान्यता है कि हनुमानजी के भक्तों को शनि के अशुभ फलों से मुक्ति मिलती है। इसी वजह से कई लोग शनिवार को हनुमानजी की पूजा करते है। यहां जानिए शनिवार को किए जाने वाले छोटे-छोटे 6 उपाय...
1. दीपक जलाएं
सूर्यास्त के समय किसी ऐसे पीपल के पास दीपक जलाएं जो सुनसान स्थान पर हो या किसी मंदिर में स्थित पीपल के पास भी दीपक जला सकते हैं।
2. शनि को नीले पुष्प चढ़ाएं
शनिदेव को तेल चढ़ाएं और पूजा करें। शनिदेव को नीले पुष्प चढ़ाएं और शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नम: का जप करें।
3. पीपल पर जल चढ़ाएं
हर शनिवार पीपल को जल चढ़ाएं, पूजा करें और सात परिक्रमा करें। जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग करें।
4. तेल का दान करें
हर शनिवार सुबह-सुबह स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर तेल का दान करें। इसके लिए एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें, फिर तेल का दान किसी जरुरतमंद व्यक्ति करें।
5. सिंदूर चढ़ाएं
हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
6. बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं
हनुमानजी की पूजा वानर रूप में ही की जाती है। इसकारण बजरंग बली को प्रसन्न करने के लिए बंदरों को गुड़ और चने खिलाना चाहिए। इस उपाय से हनुमानजी के साथ ही शनि भी प्रसन्न होते हैं।

वास्तु- ध्यान रखें ये 4 तरह की फोटो घर में न लगाएं


1. डगमगाती हुई या डूबती हुई नाव
काफी लोग घर में डूबती या लहरों में डगमगाती हुई नाव का फोटो लगाते हैं जो कि वास्तु के अनुसार अशुभ होती है। घर में हर रोज इस फोटो को देखने पर हमारी सोच पर भी गहरा असर होता है। मान्यता है कि ये फोटो भाग्य संबंधी बाधाएं बढ़ाती है। घर परिवार में तनाव बढ़ता है और वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
2. महाभारत युद्ध
महाभारत युद्ध की फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए। किसी भी प्रकार के युद्ध का फोटो हमारी सोच को भी आक्रामक बना सकता है। युद्ध का फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव भी गुस्से वाला हो सकता है। घर-परिवार में विवाद होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। महाभारत युद्ध पारिवारिक तनाव के कारण ही हुआ था। इस वजह महाभारत युद्ध से जुड़े हुए फोटो लगाने से बचना चाहिए।
3. फव्वारा या पानी
आमतौर पर फव्वारे और पानी के फोटो बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं। इसी कारण कई लोग इनकी फोटो घर में भी लगाते हैं, लेकिन फव्वारे की फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए। वास्तु में माना जाता है कि जिस प्रकार पानी बह जाता है, ठीक उसी प्रकार इस फोटो के प्रभाव से हमारा पैसा भी व्यर्थ के कार्यों में खर्च हो सकता है। इसी कारण घर में ये फोटो लगाने से बचना चाहिए।
4. हिंसक जानवर
घर में किसी भी हिंसक जानवर का फोटो नहीं लगाना नहीं चाहिए। हिंसक जानवरों के फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव भी उग्र हो सकता है। घर में क्लेश और अशांति बढ़ सकती है।
कैसी फोटो घर में लगाएं
घर में ऐसी फोटो लगाना चाहिए जो सकारात्मक हो, जिसे देखकर मन प्रसन्न हो और सभी नकारात्मक विचार दूर हो जाए।

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय

कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाती हैं। साथ ही, वैवाहिक जीवन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र के दोषों के दूर करने के लिए शुक्रवार को विशेष उपाय किए जा सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार शुक्रवार को देवी लक्ष्मी के लिए भी खास उपाय किए जा सकते हैं। यहां जानिए ​छोटे-छोटे 5 उपाय...
1. हर शुक्रवार शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। साथ ही, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।
2. किसी गरीब व्यक्ति को या किसी मंदिर में दूध का दान करें।
3. शुक्रवार को किसी विवाहित स्त्री को सुहाग का सामान दान करें। सुहाग का सामान जैसे चूड़ियां, कुमकुम, लाल साड़ी। इस उपाय से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. शुक्र से शुभ फल पाने के लिए शुक्रवार को शुक्र मंत्र का जप करें। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। शुक्र मंत्र: द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
5. शुक्र ग्रह के लिए इन चीजों का दान भी किया जा सकता है... हीरा, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद वस्त्र, दही, सफेद चंदन आदि। इन चीजों के दान से शुक्र के दोष कम हो सकते हैं।

Feng Shui tips

ఫెంగ్‌షుయ్ సూచించే 10 సూత్రాలను ఫాలో చేస్తే ఆరోగ్యమే కాకుండా..  సంతోషం కూడా సొంతం అవుతుందని ఆ శాస్త్ర నిపుణులు అంటున్నారు. 

అవేంటో.. చూద్దాం.. 
1. పనికి రానివి ఏరేయండి. క్లీన్ హౌజ్ టు బి లక్కీ హోజ్ అనేది ఫెంగ్ షుయ్‌లో మొదటిది. కాబట్టి ఇంట్లో ఉన్న పనికి రాని, అనవసర వస్తువులను తీసేయండి.

2. ఇంట్లో ఏవైనా పగిలిన వస్తువులున్నా, అతికించినా ప్రయోజనం ఉండదని అనిపించిన వస్తువులను బయట పారేయండి. 

3. వెలుతురు ధారాళంగా వచ్చేలా చూసుకోండి. కాంతి ఎక్కువగా ప్రసరిస్తే ఉత్సాహం ఎక్కువగా ప్రసరిస్తే ఉత్సాహం ఎక్కువగా ఉంటుంది. 

4. వస్తువులకు పదునైన మూలలు ఉంటే నెగటివ్ ఎనర్జీ ఉంటుంది. ఒకవేళ పదునైన మూల మిమ్మల్ని గురిపెట్టినట్లుగా ఉన్నట్లైతే ఆ నెగటివ్ ఎనర్జీ నేరుగా మీకు చేరుతుంది. 

5. డ్రైనేజీ వ్యవస్థ సక్రమంగా ఉండేలా చూసుకోండి. డ్రైనేజీ నీరు బయట పారిన చోట చెడు శక్తులు ఉంటాయి. 

6. ఇంటికి బయట వైపు వేసే రంగులు మూడు రంగుల కన్నా ఎక్కువగా ఉండేలా చూసుకోవాలి. 

7. ఇంట్లో పనిచేసుకునే సమయంలో ద్వారం వైపు ముఖం చేసి కూర్చోండి. రిలాక్స్‌గా, కంఫర్టబుల్‌గా ఫీలవుతారు. 

8. పడకగదిలో టీవీ, కంప్యూటర్ ఉన్నట్లైతే వాటిని హాల్‌లోకి మార్చండి. 

9. పడకగది దగ్గరగా బాత్ రూమ్ ఉన్నట్లైతే డోర్‌ను ఎప్పుడూ క్లోజ్ చేసి పెట్టండి. 

10. ఎప్పుడూ పాజిటివ్ ఆలోచనలు మైండ్‌లో ఉండేలా చూసుకోండి. 


Feng Shui Elephant

ఫెంగ్‌షుయ్ ఏనుగు ద్వారా సంతానలేమిని పోగొట్టుకోవచ్చు
• ఆఫీసుల్లో ఏనుగు బొమ్మను పెడితే పని చురుగ్గా నడుస్తుంది. 
• ఫెంగ్‌షుయ్ ఏనుగు బొమ్మ అదృష్టాన్నిస్తుంది. 
• ఫెంగ్ షుయ్ ఏనుగు ఇంట్లో ఉంటే పిల్లలు విద్యలో ముందుంటారు. 

ఇంకా ఒకే ఒక్క ఫెంగ్ షుయ్ బొమ్మ కాదు.. జంటగా ఫెంగ్ షుయ్ ఏనుగు బొమ్మను బెడ్ రూమ్‌లో పెడితే భార్యాభర్తల మధ్య అన్యోన్యం పెరుగుతుంది.


దంపతుల మధ్య ప్రేమబంధం పటిష్టంగా ఉంటుంది. ఇంకా పడక గదిలో జంటగా వుండే బాతు బొమ్మలను ఉంచితే భార్యాభర్తలు విబేధాలు లేకుండా సుఖంగా జీవితం గడుపుతారని ఫెంగ్ షుయ్ నిపుణులు అంటున్నారు.

Wallet Colors as per Vastu

Black is the most common and popular color and you got it right! Black represent wealth and prosperity. If you are looking for advancement in career or soar in your business, black is the color to go for.

Blue symbolize money will be drained just like water (attract splurging) and it is hard to accumulate wealth, so the colour is not recommended.
Red represent fire and it is not advisable for wallet colour because it will burn away your wealth luck.

If you want to increase savings or has the habit of spending too much money, Brown color may help you to save money.

Pink colour is more suitable for ladies who are looking for the other half as it increase love and relationship luck. If you are looking for increasing wealth, do not use this colour

Green represents growth and life. In home Feng Shui, you will add green plant to help increase the positive flow of energy in your space, a green wallet will help to increase income opportunity. It is especially suitable for entrepreneurs to welcome business idea and opportunities.

Normal light yellow color wallet may often attract money, but it will be often in and out. Money flows well but spending a lot of money as well.

To resolve the above situation, you might consider mustard yellow or pastel yellow for wallet/purse.

If you want to save money, choose mustard yellow and if you someone who want to increase wealth luck you can choose pastel yellow instead

home colors as per Vaastu

This will enhance the energy flow around every person in the home.
Bed room: Light colors are suitable for bed rooms. Pink, blue, green, gray and lavender in their lighter shades keep the rooms tranquil and induce good sleep. Pink or cream colored tiles or marble are good for flooring.
Kitchen: Kitchen must have some tinge of red in it depicting fire. It can be utensils, or any other items. White or blue are suitable for walls and flooring
Guest room: For active and pleasant atmosphere prefer yellow, green, blue, orange or lavender in their lighter shades
Study room: To improve concentration and for pleasantness opt for green, blue, light purple which also improve memory
Children’s room: Bright colors are suitable for baby rooms be it pink, blue, yellow orange or purple
Bath room: White, light gray, pink or any pastel shade is suitable.

Gifts as per Astrology


SWEETS AND CONFECTIONERY
All eatable sweet items are ruled by Jupiter. Gifting of such things is recommended. Jupiter rules over fat also. These items like chocolates, pastries, and sweets contain butter and ghee invariably. Such items are Jupiter personified. Jupiter is the biggest benefic planet and items of Jupiter will always bring good effects. All auspicious occasions involve distribution of sweets because of this reason. Gifting Jupiter items along with some of the other malefic gifts is also recommended as it reduces the malefic effects.
Even in other civilizations and cultures, auspicious occasions are celebrated by distributing sweets and confectionery. Jupiter being a planet denoting expansion through progress, it is beneficial to gift such items, as it will boost growth.
LEATHER PRODUCTS
There are many items made of leather which are gifted by people. Leather purses, shoes, bags and even items for decoration purposes alone. These items are primarily rules by the planet Ketu.Leather belts are fully Ketu. Gifting of such items is like gifting Ketu to a person. As per Vedic system, it does not augur well for a person to receive such items. Ketu is a malefic planet and for limited natives, it gives good results. Such gifts can increase the Ketu energies in the house which leads to misery and even poverty in many cases. Ketu is unpredictable. It can give extreme results in many cases. It has been observed by many people that they suffer financial loss whenever they use a wallet. This is due to ketu acting in full flow. On the other hand loss of power and prestige, transfer to a place or to a post where the person wanders have also been seen with the use of belts.
Leather products are also prohibited inside the temples as they represent malefic things.
 PERFUMES AND FRAGRANCES
In modern times a flourishing trade is perfume industry. Every shopping arcade has innumerable number of fragrances displayed for sale. People gift these items on every occasion these days. Even in old times it was a practice to gift Ittar which is nothing but perfume. Venus is also a great benefic planet and perfumes are the domain of Venus. Such gifts are recommended as in most of the cases it has no ill effects.
There are some exceptions to this also. For certain natives, Venus is strong marak planet. In such natives, use and accepting gifts of perfume can trigger ill health and sometimes aggravate a dormant health condition. But these are very rare cases and one can understand ill effects himself. In such cases, donating these perfumes can help. Some fragrances like sandal are to be used with caution. Although it is very much ruled by Venus but it is known to attract serpents. This fragrance carries the influence of Rahu as well. It is better to avoid those perfumes which have sandal-based fragrance as Rahu’s effect can have malefic influence on the native using it.
 CLOTHES 
Another item which is frequently gifted by people is the clothes. Various items of clothes are under the influence of various planets. The clothes above the waist and the waistbands are ruled by Ketu. Clothes below the waist are ruled by Rahu. But gifting of a unstitched piece of cloth is recommended as it is ruled by Sun Jupiter combined. Jupiter being a benefic gives no ill effect.
Certain items of cloth like stripes and check pattern for clothes like shirts and kurtas are specially Ketu clothes. Such items should not be gifted and if the native has malefic influence of Ketu in his chart, then it can actually prove very malefic. Trousers of Black and Blue colour are ruled by Rahu. Rahu is also a malefic planet. Hence, it is recommended that stitched clothes of above type should be avoided as gifts.
There is one exception to this rule. If clothes are gifted by father to a daughter or daughter’s children or son in law, then there is no dosha. The reason being that it is considered as alms( Daan) rather a gift. Person accepting this will have no suffering.
Clothes made of coarse cloth like KHADI are ruled by Sun. It is recommended to gift them as it gives boost to the energy of the recipient. Sun being life force, is never malefic in such type of gifts. It gives majesty to the forces operating in the life of the recipient. Similarly, white silk clothes are ruled by Moon. These also can be gifted and carry no malefic effect . The reason being Sun and Moon both planets neutralize the effect of Rahu and Ketu in clothing. Gifting unstitched silk cloth is like gifting Venus. Venus is benefic and this gift is highly recommended. Similarly other fine quality of cloth is also ruled by Venus. Gifting them is generally very good.
ACCESSORIES 
Blankets of dark colour are ruled by Rahu. Blankets having check and stripes are under heavy influence of Ketu. These should never be gifted. Even the blankets of Fur are also governed by Ketu. Fur jackets, Leather Jackets are also Ketu articles. These gifts can create disturbances and can trigger misery for a native. These are not recommended.
Ties are also an item which are gifted frequently. The tie is a symbol of serpent and it is a Ketu article. For those natives where it is benefic, ties are beneficial. But Ketu being malefic, these should be avoided as gifts. It has been observed in cases where the natives get power and position due to Ketu position in their charts, ties as a gift can give immense boost to the prestige of the native. This is typical of Ketu trait. But generally if it is not sure, then it should be avoided.

Saturday, 8 August 2015

परिवार व धन पर असर डालता है उत्तर दिशा का वास्तु दोष

घर की विभिन्न दिशाओं का वास्तु दोष परिवार के अलग-अलग सदस्य को प्रभावित करता है। आज हम आपको बता रहे हैं किस दिशा में वास्तु दोष हो तो उसका असर परिवार के किस सदस्य पर पड़ता है-

1. उत्तर दिशा के वास्तु दोष का असर घर की महिलाओं एवं परिवार की आमदनी पर पड़ता है।
2. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) के वास्तु दोष का प्रभाव घर के मालिक एवं वहां रहने वाले अन्य पुरुषों एवं उनकी संतानों पर पड़ता है। संतान में विशेषकर बड़े लड़के पर इसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है।
3. यदि पूर्व दिशा में वास्तु दोष है तो इसका असर भी संतान पर ही पड़ता है।
4. आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) के वास्तु दोष का असर घर की स्त्रियों, बच्चों विशेषकर दूसरी संतान पर पड़ता है।
5. दक्षिण दिशा के वास्तु दोष का प्रभाव घर की स्त्रियों पर विशेष रूप से पड़ता है।
6. नैऋत्य कोण (पश्चिम-दक्षिण) के वास्तु दोष का असर परिवार के मुखिया व उनकी पत्नी एवं बड़े पुत्र पर पड़ता है।
7. यदि पश्चिम दिशा में किसी प्रकार का वास्तु दोष है तो इसका इफेक्ट घर के पुरुषों पर पड़ता है।
8. वायव्य कोण (पश्चिम-उत्तर) के वास्तु दोष का प्रभाव घर की महिलाओं एवं तीसरी संतान पर पड़ता है।

ये हैं बेडरूम के वास्तु टिप्स

बेडरूम हमारे घर का बहुत ही खास हिस्सा होता है। कई बार बेडरूम में वास्तु दोष होने से उसका बुरा असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। बेडरूम का निर्माण करवाते समय तथा बाद में भी कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। ये बातें इस प्रकार हैं-

1. बेडरूम में खिड़की अवश्य होना चाहिए। सुबह की किरणें बेडरूम में प्रवेश करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है। कभी भी मुख्य द्वार की ओर पैर करके न सोएं। 
2. पलंग के सामने दर्पण नहीं होना चाहिए। अगर पलंग के सामने दर्पण होगा तो आप हमेशा परेशान रहेंगे।
3. इस बात का ध्यान रखें कि बेडरूम में पलंग हमेशा दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। सोते समय सिर उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं कर सकते तो पश्चिम दिशा में पलंग रखना चाहिए। इस स्थिति में सोते समय मुंह पूर्व की ओर व सिरहाना पश्चिम की ओर रहना चाहिए। 
4. पूर्व की ओर व उत्तर की ओर मुंह करके सोना सुखदायक होता है। दक्षिण की ओर मुख करके नहीं सोना चाहिए। दक्षिण की ओर मुंह करके सोने से नींद नहीं आती है और आती है तो बुरे सपने आते हैं। 
5. मुख्य बेडरूम नैऋत्य (पश्चिम-दक्षिण) कोण में होना चाहिए। मुख्य बेडरूम वह होता है, जिसमें घर का मालिक सोता है।
6. बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल कभी भी खिड़की के सामने न रखें, क्योंकि खिड़की से आने वाला प्रकाश परावर्तित होने के कारण परेशानी उत्पन्न करेगा। 
7. पलंग के सामने खिड़की न होकर ठोस दीवार होना चाहिए। 
8. बेडरूम में पलंग के दाईं ओर छोटी टेबल आवश्यक वस्तु रखने के लिए रख सकते हैं। बेडरूम में प्रकाश व्यवस्था ऐसी हो कि पलंग पर सीधा प्रकाश नहीं पड़े। प्रकाश सदैव पीछे या बांई ओर से आना चाहिए। 
9. पलंग बेडरूम के दरवाजे के पास नहीं होना चाहिए यदि ऐसा करेंगे तो चित्त में अशांति व व्याकुलता बनी रहेगी।
10. पलंग के सामने की दीवार पर सुंदर चित्र लगाने चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ती है।